प्रोड्यूसर विंता नंदा की शिकायत के बाद बॉलीवुड एक्टर आलोक नाथ के ख़िलाफ़ पुलिस ने मामला दर्ज़ कर लिया है.
पर्दे पर 'संस्कारी' छवि वाले अभिनेता आलोक नाथ पर उनकी टीवी शो 'तारा' की डायरेक्टर और प्रोड्यूसर विंता नंदा ने बलात्कार का आरोप लगाया था.
भारत में #MeToo अभियान के बाद ये उन चंद नामों में शामिल हुए जिनके नाम अभियान के बाद सामने आए और उनके ख़िलाफ़ केस दर्ज़ हुए.
अक्टूबर में एक फ़ेसबुक पोस्ट में विंता नंदा ने सीधे तौर पर नाम न लिखते हुए अपने शो 'तारा' में मुख्य किरदार निभा रहे अभिनेता पर यौन उत्पीड़िन और बलात्कार के आरोप लगाए थे.
हालांकि आलोक नाथ सभी आरोपों का खंडन कर चुके हैं और बाद में विंता के ख़िलाफ़ मानहानि का केस भी दर्ज़ किया.
उन्होंने एक रुपए हर्जाने के सिविल मानहानि के साथ लिखित माफ़ी की मांग की थी.
आलोक नाथ पर दो अन्य अभिनेत्रियां भी यौन उत्पीड़िन के आरोप लगा चुकी हैं.
विंता नंदा ने आलोक नाथ के साथ 1990 के दशक के सुपरहिट टीवी सीरियल तारा में काम किया था. फेसबुक पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि सीरियल की मुख्य महिला कलाकार के साथ भी नाथ ने यौन उत्पीड़िन किया था.
विंता ने बताया कि बोलने के लिए उन्होंने 20 साल इंतजार किया लेकिन अब वो सामने आई ताकि ऐसी ही किसी और महिला को बोलने में परेशानी न हो.
उन्होंने कहा, ''लगभग 20 साल बाद मैं बिल्कुल ठीक हूं. मैंने ये कहानी इसलिए साझा की क्योंकि मैं नहीं चाहती किसी लड़की को सच बयां करने से डर लगे.''
गुस्से में आकर ट्वीट कर दियाः आलोक नाथ
'किन लोगों ने शुरू किया #MeToo अभियान'
हालांकि अपनी पोस्ट में उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया था लेकिन पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने आलोक नाथ का नाम जोड़ा और बाद में विंता ने उनके नाम की पुष्टि भी की.
आरोपों के बाद आलोक नाथ ने पत्रकारों से कहा कि वे उन दावों को खारिज करते हैं.
उन्होंने कहा, "ये (बलात्कार) हुआ होगा, लेकिन किसी और ने किया होगा."
हाल के महीनों में #MeToo अभियान में कई महिलाओं ने अपने साथ हुई प्रताड़ना, उत्पीड़न की घटनाओं पर खुलकर बात की. इसमें कई नामी हस्तियां जैसे नाना पाटेकर, विकास बहल, उत्सव चक्रवर्ती, एमजे अकबर पर आरोप लगे.
Wednesday, November 21, 2018
Tuesday, November 6, 2018
रामचरित मानस में वर्णित वृत्तांत का रूपांतरण
अमावस्या के दिन भगवान राम अयोध्या पहुंचे थे। उनके स्वागत की तैयारी में अयोध्या के नर-नारियों ने घर-आंगन सजाया और खुद भी सजे-संवरे। इस तिथि को रूप चौदस भी कहा जाता है।
पौराणिक महत्व : ऋतु बदलती है और शरीर को नई ऋतु के लिए तैयार करने के मकसद से दीपोत्सव का यह दिन तन-मन को सजाने-संवारने के लिए नियत किया गया। एक दिन बाद लक्ष्मी के स्वागत के लिए ही यह जरूरी है क्योंकि महालक्ष्मी साफ-सुथरे घर और मन में ही प्रवेश करती हैं।
रूपांतरण के अर्थात् : दैनिक भास्कर ने रूप चौदस के पौराणिक महत्व को ध्यान मेंं रखते हुए रूप के इस उत्सव का नाट्य रूपांतरण किया।
रूप चौदस से जुड़ी मान्यता और परंपराएं
सूर्योदय से पहले स्नान : ब्रह्म पुराण में कहा गया है कि जो व्यक्ति रूप चौदस के दिन सूर्य निकलने से पहले अच्छी तरह स्न्नान करता है वो जीवन भर रोगों से दूर रहता है।
घर साफ करें : कहते हैं कि दीपावली की रात लक्ष्मी भूलोक पर घूमती है और जिस घर में सफाई देखती हैं, वहां रुक जाती हैं। इससे एक दिन पहले यानी नरक चतुदर्शी को लक्ष्मी की बहन दरिद्रा भूलोक पर घूमती हैं और जिस घर में गंदगी देखती हैं, वहीं डेरा डाल लेती है। इसलिए नरक चतुर्दशी के दिन घर-आंगन को पूरी तरह साफ करने की परंपरा है ताकि किसी भी कोने में गंदगी न रह जाए।
तिल्ली के तेल की मालिश : नरक चतुदर्शी के दिन घर का हर सदस्य स्नान से पहले तिल्ली के तेल को थोड़े से पानी में मिलाकर बदन पर मालिश करे। कहा जाता है कि तिल्ली के तेल में लक्ष्मी और जल में गंगा का निवास होता है।
हल्दी कुमकुम का उपाय : स्नान से पहले नहाने के पानी में चुटकी भर हल्दी और कुमकुम डालकर वरुण देवता का ध्यान करें और फिर स्नान करें। माना जाता है कि ऐसा करने से घर के सदस्य दीर्घायु होते हैं।
पति पत्नी मंदिर जाएं : रूप चौदस के दिन पति-पत्नी के भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण के एक साथ दर्शन करने की भी परंपरा है।
हल्दी का उबटन : नरक चतुदर्शी के दिन हल्दी और चंदन का उबटन लगाने की भी परंपरा है। माना जाता है कि ऐसा करने से रूप और सौंदर्य बढ़ता है।
गैजेट डेस्क. दिवाली का त्यौहार आज से शुरू हो गया है और सभी कुछ न कुछ खरीदारी करने में लगे हैं। आजकल मार्केट में कई ऐसे गैजेट्स अवेलेबल हैं जो आम घर को भी स्मार्ट होम बना देते हैं। अगर इस दिवाली आपका मन भी अपने घर में ऐसे ही स्मार्ट गैजेट्स लाने का है और आपका बजट 10 हजार के अंदर है तो हम आपको आज ऐसे 5 गैजेट्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो इस दिवाली आपके लिए पहली पसंद हो सकते हैं।
पौराणिक महत्व : ऋतु बदलती है और शरीर को नई ऋतु के लिए तैयार करने के मकसद से दीपोत्सव का यह दिन तन-मन को सजाने-संवारने के लिए नियत किया गया। एक दिन बाद लक्ष्मी के स्वागत के लिए ही यह जरूरी है क्योंकि महालक्ष्मी साफ-सुथरे घर और मन में ही प्रवेश करती हैं।
रूपांतरण के अर्थात् : दैनिक भास्कर ने रूप चौदस के पौराणिक महत्व को ध्यान मेंं रखते हुए रूप के इस उत्सव का नाट्य रूपांतरण किया।
रूप चौदस से जुड़ी मान्यता और परंपराएं
सूर्योदय से पहले स्नान : ब्रह्म पुराण में कहा गया है कि जो व्यक्ति रूप चौदस के दिन सूर्य निकलने से पहले अच्छी तरह स्न्नान करता है वो जीवन भर रोगों से दूर रहता है।
घर साफ करें : कहते हैं कि दीपावली की रात लक्ष्मी भूलोक पर घूमती है और जिस घर में सफाई देखती हैं, वहां रुक जाती हैं। इससे एक दिन पहले यानी नरक चतुदर्शी को लक्ष्मी की बहन दरिद्रा भूलोक पर घूमती हैं और जिस घर में गंदगी देखती हैं, वहीं डेरा डाल लेती है। इसलिए नरक चतुर्दशी के दिन घर-आंगन को पूरी तरह साफ करने की परंपरा है ताकि किसी भी कोने में गंदगी न रह जाए।
तिल्ली के तेल की मालिश : नरक चतुदर्शी के दिन घर का हर सदस्य स्नान से पहले तिल्ली के तेल को थोड़े से पानी में मिलाकर बदन पर मालिश करे। कहा जाता है कि तिल्ली के तेल में लक्ष्मी और जल में गंगा का निवास होता है।
हल्दी कुमकुम का उपाय : स्नान से पहले नहाने के पानी में चुटकी भर हल्दी और कुमकुम डालकर वरुण देवता का ध्यान करें और फिर स्नान करें। माना जाता है कि ऐसा करने से घर के सदस्य दीर्घायु होते हैं।
पति पत्नी मंदिर जाएं : रूप चौदस के दिन पति-पत्नी के भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण के एक साथ दर्शन करने की भी परंपरा है।
हल्दी का उबटन : नरक चतुदर्शी के दिन हल्दी और चंदन का उबटन लगाने की भी परंपरा है। माना जाता है कि ऐसा करने से रूप और सौंदर्य बढ़ता है।
गैजेट डेस्क. दिवाली का त्यौहार आज से शुरू हो गया है और सभी कुछ न कुछ खरीदारी करने में लगे हैं। आजकल मार्केट में कई ऐसे गैजेट्स अवेलेबल हैं जो आम घर को भी स्मार्ट होम बना देते हैं। अगर इस दिवाली आपका मन भी अपने घर में ऐसे ही स्मार्ट गैजेट्स लाने का है और आपका बजट 10 हजार के अंदर है तो हम आपको आज ऐसे 5 गैजेट्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो इस दिवाली आपके लिए पहली पसंद हो सकते हैं।
कुमारस्वामी की पत्नी और येदियुरप्पा के बेटे को मिली जीत
कर्नाटक की तीन लोकसभा और दो विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे मंगलवार को आए। भाजपा का गढ़ मानी जाने वाली बेल्लारी लोकसभा सीट पर कांग्रेस के वीएस उगरप्पा को 2,43,161 वोटों से जीत मिली। भाजपा सिर्फ शिमोगा लोकसभा सीट बचा पाई। यहां से येदियुरप्पा के बेटे बीवाई राघवेंद्र ने 52,148 वोटों से जीत दर्ज की। मांड्या लोकसभा सीट जेडीएस के एलआर शिवरामेगौड़ा ने 3,24,943 वोटों से अपने नाम की। रामनगर विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री एचडी की कुमारस्वामी पत्नी अनीता एक लाख नौ हजार से ज्यादा वोटों से जीतीं। जामखंडी विधानसभा सीट पर कांग्रेस के न्यामगौड़ा 39,480 वोटों से जीते। पांचों सीटों पर शनिवार को मतदान हुआ था।
शिमोगा में तीन पूर्व सीएम के बेटे आमने-सामने, येदि के बेटे को जीत
शिमोगा लोकसभा सीट पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफा के बाद खाली हुई थी। येदियुरप्पा ने शिकारीपुरा से विधानसभा चुनाव लड़ा था। इस सीट पर तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटों की प्रतिष्ठा दांव पर थी। यहां येदियुरप्पा ने अपने बेटे राघवेंद्र को उम्मीदवार बनाया। वहीं, जेडीएस ने पूर्व सीएम बंगारप्पा के बेटे मधु बंगारप्पा को उतारा। बिहार में भाजपा की सहयोगी जेडीयू ने पूर्व सीएम जेएच पटेल के बेटे महिमा पटेल पर दांव खेला था।
इस्तीफे-निधन की वजह से खाली हुई थी सीटें
पांच में से चार सीटें इस्तीफे की वजह से और एक सीट विधायक के निधन की वजह से खाली हुई थी। शिमोगा सीट बीएस येदियुरप्पा, बेल्लारी सीट श्रीमुलु और मांड्या सीट सीएस पुट्टाराजू के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। वहीं, रामनगर सीट से सीएम कुमारस्वामी ने इस्तीफा दिया था। जामखंडी सीट पर कांग्रेस विधायक सिद्धू न्यामगौड़ा का निधन हो गया था।
शिमोगा-बेल्लारी भाजपा के गढ़
शिमोगा सीट भाजपा का गढ़ मानी जाती है, लेकिन विधानसभा चुनाव में यहां कांग्रेस और जेडीएस का वोट शेयर भाजपा से ज्यादा था। ऐसे में यह सीट बचाना भाजपा के लिए चुनौती है। बेल्लारी भाजपा का दूसरा गढ़ है। यहां भाजपा नेता श्रीरामुलु की बहन शांता उम्मीदवार थी। यह सीट एसटी वर्ग के लिए आरक्षित है।
शनिवार को हुआ था मतदान
उपचुनाव के लिए पांचों सीटों पर शनिवार को मतदान हुआ। शिमोगा लोकसभा सीट पर 61.05%, बेल्लारी लोकसभा सीट पर 63.65% और मांड्या लोकसभा सीट पर 53.93% वोटिंग हुई थी। वहीं, रामनगर विधानसभा सीट पर 73.71% और जामखंडी विधानसभा सीट पर 81.58% मतदान हुआ था।
शिमोगा में तीन पूर्व सीएम के बेटे आमने-सामने, येदि के बेटे को जीत
शिमोगा लोकसभा सीट पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफा के बाद खाली हुई थी। येदियुरप्पा ने शिकारीपुरा से विधानसभा चुनाव लड़ा था। इस सीट पर तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटों की प्रतिष्ठा दांव पर थी। यहां येदियुरप्पा ने अपने बेटे राघवेंद्र को उम्मीदवार बनाया। वहीं, जेडीएस ने पूर्व सीएम बंगारप्पा के बेटे मधु बंगारप्पा को उतारा। बिहार में भाजपा की सहयोगी जेडीयू ने पूर्व सीएम जेएच पटेल के बेटे महिमा पटेल पर दांव खेला था।
इस्तीफे-निधन की वजह से खाली हुई थी सीटें
पांच में से चार सीटें इस्तीफे की वजह से और एक सीट विधायक के निधन की वजह से खाली हुई थी। शिमोगा सीट बीएस येदियुरप्पा, बेल्लारी सीट श्रीमुलु और मांड्या सीट सीएस पुट्टाराजू के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। वहीं, रामनगर सीट से सीएम कुमारस्वामी ने इस्तीफा दिया था। जामखंडी सीट पर कांग्रेस विधायक सिद्धू न्यामगौड़ा का निधन हो गया था।
शिमोगा-बेल्लारी भाजपा के गढ़
शिमोगा सीट भाजपा का गढ़ मानी जाती है, लेकिन विधानसभा चुनाव में यहां कांग्रेस और जेडीएस का वोट शेयर भाजपा से ज्यादा था। ऐसे में यह सीट बचाना भाजपा के लिए चुनौती है। बेल्लारी भाजपा का दूसरा गढ़ है। यहां भाजपा नेता श्रीरामुलु की बहन शांता उम्मीदवार थी। यह सीट एसटी वर्ग के लिए आरक्षित है।
शनिवार को हुआ था मतदान
उपचुनाव के लिए पांचों सीटों पर शनिवार को मतदान हुआ। शिमोगा लोकसभा सीट पर 61.05%, बेल्लारी लोकसभा सीट पर 63.65% और मांड्या लोकसभा सीट पर 53.93% वोटिंग हुई थी। वहीं, रामनगर विधानसभा सीट पर 73.71% और जामखंडी विधानसभा सीट पर 81.58% मतदान हुआ था।
Friday, November 2, 2018
सबसे मुश्किल रोल में हैं शाहरुख, करण ने बताया ब्लॉकबस्टर
राजधानी दिल्ली के पांच सितारा होटल हयात में पिस्टल लहारने के मामले में गिरफ्तार आरोपी आशीष पांडे को जमानत मिल गई है. कोर्ट ने उन्हें जमानत देते हुए पर्सनल बॉन्ड और जमानत के रूप में 50 हजार के 2 बॉन्ड जमा कराने का आदेश दिया.
राजधानी दिल्ली के पांच सितारा होटल हयात में पिस्टल लहारने के मामले में गिरफ्तार आरोपी आशीष पांडे को जमानत मिल गई है. कोर्ट ने उन्हें जमानत देते हुए निजी मुचलके के रूप में 50 हजार रुपये का बॉन्ड जमा कराने का आदेश भी दिया.
गुरुवार को आशीष पांडे ने दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उसे जमानत दे दी. दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में कल ही चार्जशीट भी दाखिल की थी.
साथ ही कोर्ट ने आरोपी आशीष पांडे को निर्देश दिया है कि जब भी उन्हें दिल्ली पुलिस जांच के लिए बुलाएगी उन्हें सहयोग करना होगा.
आरोपी आशीष पांडे के वकील ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि पुलिस की जांच मामले में पूरी हो चुकी है. लिहाजा, जो आर्म्स एक्ट और 341/506 की धाराएं उनके क्लाइन्ट पर लगाई गई है, उसमें जमानत मिल सकती है. बहरहाल, आरोपी आशीष पांडे फिलहाल, न्यायिक हिरासत में थे. अब बेल बांड का प्रोसिजर पूरा होने के बाद वो जेल से बाहर आ सकेंगे.
आशीष पांडे ने कल जमानत के लिए तीसरी बार याचिका दायर की थी. इससे पहले उसी जमानत याचिका दो बार पटियाला हाउस कोर्ट की ओर से से खारिज हो चुकी थी. पहली बार 19 अक्टूबर और दूसरी बार 24 अक्टूबर को सेशन कोर्ट की ओर से आशीष पांडे की जमानत याचिका खारिज की जा चुकी है.
कोर्ट ने आशीष पांडे को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था. घटना के पांच दिन के बाद आशीष पांडे ने पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. आशीष ने पटियाला हाउस कोर्ट में पिछले महीने 18 अक्टूबर को बेहद नाटकीय अंदाज में सरेंडर किया था. सरेंडर करने से पहले आशीष पांडे ने सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो भी वायरल कर दिया जिसमें उसने खुद को बेकसूर बताया था.
क्या था मामला?
दरअसल, बीएसपी के पूर्व सांसद राकेश पांडेय के बेटे आशीष पांडे ने एक पूर्व कांग्रेसी विधायक के बेटे गौरव कंवर को दिल्ली के पांच सितारा होटल हयात में अपनी पिस्तौल निकाल कर धमकी दी थी. घटना का विडियो वायरल होने के बाद आशीष पांडेय फरार हो गया था. जिसके बाद यूपी और दिल्ली पुलिस की कई टीमें आशीष की तलाश में लगी थी. गिरफ्तारी को लेकर दबाव बढ़ने के बाद आशीष पांडे ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर कर दिया था.
राजधानी दिल्ली के पांच सितारा होटल हयात में पिस्टल लहारने के मामले में गिरफ्तार आरोपी आशीष पांडे को जमानत मिल गई है. कोर्ट ने उन्हें जमानत देते हुए निजी मुचलके के रूप में 50 हजार रुपये का बॉन्ड जमा कराने का आदेश भी दिया.
गुरुवार को आशीष पांडे ने दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उसे जमानत दे दी. दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में कल ही चार्जशीट भी दाखिल की थी.
साथ ही कोर्ट ने आरोपी आशीष पांडे को निर्देश दिया है कि जब भी उन्हें दिल्ली पुलिस जांच के लिए बुलाएगी उन्हें सहयोग करना होगा.
आरोपी आशीष पांडे के वकील ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि पुलिस की जांच मामले में पूरी हो चुकी है. लिहाजा, जो आर्म्स एक्ट और 341/506 की धाराएं उनके क्लाइन्ट पर लगाई गई है, उसमें जमानत मिल सकती है. बहरहाल, आरोपी आशीष पांडे फिलहाल, न्यायिक हिरासत में थे. अब बेल बांड का प्रोसिजर पूरा होने के बाद वो जेल से बाहर आ सकेंगे.
आशीष पांडे ने कल जमानत के लिए तीसरी बार याचिका दायर की थी. इससे पहले उसी जमानत याचिका दो बार पटियाला हाउस कोर्ट की ओर से से खारिज हो चुकी थी. पहली बार 19 अक्टूबर और दूसरी बार 24 अक्टूबर को सेशन कोर्ट की ओर से आशीष पांडे की जमानत याचिका खारिज की जा चुकी है.
कोर्ट ने आशीष पांडे को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था. घटना के पांच दिन के बाद आशीष पांडे ने पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. आशीष ने पटियाला हाउस कोर्ट में पिछले महीने 18 अक्टूबर को बेहद नाटकीय अंदाज में सरेंडर किया था. सरेंडर करने से पहले आशीष पांडे ने सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो भी वायरल कर दिया जिसमें उसने खुद को बेकसूर बताया था.
क्या था मामला?
दरअसल, बीएसपी के पूर्व सांसद राकेश पांडेय के बेटे आशीष पांडे ने एक पूर्व कांग्रेसी विधायक के बेटे गौरव कंवर को दिल्ली के पांच सितारा होटल हयात में अपनी पिस्तौल निकाल कर धमकी दी थी. घटना का विडियो वायरल होने के बाद आशीष पांडेय फरार हो गया था. जिसके बाद यूपी और दिल्ली पुलिस की कई टीमें आशीष की तलाश में लगी थी. गिरफ्तारी को लेकर दबाव बढ़ने के बाद आशीष पांडे ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर कर दिया था.
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