Monday, December 10, 2018

क्या संतरे से हो सकता है सर्दी का इलाज?

हिंदुस्तान में हर दूसरा व्यक्ति, वैद्य, हकीम या डॉक्टर है.

'पेट दर्द हो रहा है. थोड़ी अजवाइन फांक लो'.

'ज़ुकाम हो गया है.नींबू नमक डाल कर गुनगुना पानी ले लो.'

छोटे-मोटे मर्ज़ का इलाज यूं बताया जाता है, मानो इसमें डॉक्टरेट हासिल हो.

वैसे, ये हाल सिर्फ़ हिंदुस्तान का हो, ऐसा नहीं है. हर सभ्यता और संस्क़ति में इंसान ने हज़ारों सालों के तजुर्बे से ऐसे नुस्खे ईजाद किए हैं, जो सीज़नल बीमारियों में राहत देते हैं.

सर्दियों के दिन है. ख़ांसी, ज़ुकाम और ठंड लगने की बातें आम हैं. हों भी क्यों न. इसके लिए दुनिया भर में 200 से ज़्यादा क़िस्म के वायरस ज़िम्मेदार होते हैं. नतीजा ये कि हर देश में ठंड लगने पर अलग-अलग नुस्खे बताए जाते हैं

नुस्ख़े कितने कारगर
सवाल ये है कि क्या ये नुस्खे इतने कारगर होते हैं कि हमें ठंड और ज़ुकाम से राहत दें?

किसी भी बीमारी से निपटने के घरेलू नुस्खे के पीछे का विज्ञान हमारे शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को मज़बूत करना होता है. इसके दो पहलू होते हैं. एक तो बीमारियों से लड़ने की हमारी जन्मजात क्षमता होती है. फिर, शरीर में नये वायरस के हमले से मुक़ाबले की तैयारी होती है. ऐसे वायरस से कैसे निपटना है, ये हमारा ज़हन याद कर लेता है. तभी, हमें पूरे जीवन में सिर्फ़ एक बार चेचक की बीमारी होती है. मगर, सर्दी कई बार, कमोबेश हर साल लगती है. वजह ये कि इसके कई तरह के वायरस होते हैं. हमारा दिमाग़ इन्हें पहचानने में चकरा जाता है.

रोगों से लड़ने की हमारी ताक़त का सीधा ताल्लुक़ हमारे खान-पान और रहन-सहन से होता है.

हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यून सिस्टम तभी कमज़ोर होती है, जब हमारे शरीर में किसी विटामिन या खनिज की कमी होती है. यही वजह है कि सर्दी लगने पर नींबू नमक डालकर गुनगुना पानी लेने की सलाह दी जाती है. क्योंकि इससे शरीर में नमक और विटामिन सी की कमी पूरी होती है.

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